यहां सब खामोश है एक बीमार के दहाड़ने से,
क्या संभालोगे और संभलोगे हालत को,
जब सब तरफ भीड़ देख के बैठ गए हो,
तो दुखी हो चाहता हुआ भी सब कुछ सहने में।

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