संवाद तो है~
सुराही में ठंडे पानी से रमणीय स्वाद तो है,
नदी में नाव नहीं मिलनसार से संवाद तो है।
प्यार नहीं मुझसे मगर दुख का हिसाब तो है,
तुम्हारे ज़िंदगी में मेरे ज़िंदगी का हिसाब तो है।
अब हर नगर में सड़क के किनारे डाल तो है,
इंसान जर्जर ही सही मगर कोशकार तो है।
तुम्हारे मन में दीप से उजाले का द्वार तो है,
बीती हुई बात निकाल जबड़े से धार तो है।
अब समंदर में डूब जाना ये बात खराब तो है,
नदी ऊब गई ऐसी मोहब्बत से ये बात तो है।
नितांत नदियों से जुन्हाई में प्यार वार तो है,
मगर असल में कई दुआओं से परिवार तो है।
By~ Pradeep Yadav
रमणीय;
delightful
आनंदमय, हर्षजनक, आनंदपूर्ण, आनंदित, आनंद देनेवाला
मिलनसार;
Sanskrit ; Adjective, Other
sociable, affable, convivial, friendly
संस्कृत,विशेषण
जीर्ण-शीर्ण; टूटा-फूटा
जो पुराना होने के कारण उपयोगी न रह गया हो
खंडित; क्षत
{ला-अ.} जिसका सामयिक महत्व न रह गया हो, जैसे- पारंपरिक मान्यताएँ।
डाल;
संस्कृत ; संज्ञा स्त्रीलिंग
पेड़ की शाखा; साख, एक प्रकार की खूँटी, तलवार का फल
विवाह के समय वर की ओर से वधू को दिए जाने वाले कपड़े, गहने, डला आदि।
कोशकार;
[सं-पु.]
शब्दकोश के लिए शब्दों का संग्रह तथा उनका संपादन करने वाला विद्वान; शब्दकोश बनाने वाला व्यक्ति,तलवार, कटार आदि के लिए म्यान बनाने वाला व्यक्ति।
[वि.] 1. शब्दकोश बनाने वाला 2. म्यान बनाने वाला।
धार;
संस्कृत ; संज्ञा स्त्रीलिंग
तेज; पैनापन,पानी का सोता, समूह, दिशा
नितांत;
संस्कृत ; विशेषण
एकदम; पूरी तरह; सर्वथा बिलकुल
बहुत अधिक, असाधारण, अत्यंत; अत्यधिक।
जुन्हाई;
संस्कृत ; संज्ञा स्त्रीलिंग
चाँदनी; चंद्रिका; चाँद का प्रकाश।
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