वो मेरी~

कभी-कभी सोचता हूं कि उसके नैन का तिर हो जाऊं,
चंचल अदाएं है इतनी कि शराबी से ज्यादा पीर हो जाऊं।

सौंदर्य मुस्कान कि बला है जिसके लिए अधीर हो जाऊं,
दूरी होकर भी वो मेरी और मैं उसका शरीर हो जाऊं।

उसे पाने की चाचत में इंतजार कि लकीर हो जाऊं,
उसे मांग कर नहीं पा कर कहीं दूर समीर हो जाऊं।

मोहब्बत में वो मेरी सहर और मैं उसका देश हो जाऊं,
क्या मजा़ रह जायेगा अगर मैं जबरन करीब हो जाऊं।

जिसके गाल पे फ़िदा हूं उसके हुस्न का वीर हो जाऊं,
कई लड़ाईयां लड़ रहा हूं तो इसमें भी चूर-चूर हो जाऊं।


                                           By~ Pradeep Yadav



पीर;
Saint
महात्मा और सिद्ध पुरुष, परलोक का मार्ग दर्शक; धर्म गुरु, मुसलमानों के धर्म गुरु, सोमवार का दिन। 
[वि.] वृद्ध , पूज्य।

अधीर;
धैर्यरहित, परेशान।

समीर;
पुल्लिंग
हवा, वायु।

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