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Showing posts from December, 2021

नया भारत कुछ ऐसा देखा~

जैसा है~

वो स्त्री थी~

सब जानता है~

राहगुज़र~

रचनाए—

याद आती है~

सो जाता हूं~

Waiting for education~

ज़िंदगी~

जान लो~

सपने~

जमाल~

वो~

आजिज़ी~

पहचान~

जान चुका~

मेरे चाहने वाले~

मंजिल~

क्यों?

आसरा~

रुकना चाहता हूं~

देखो ~