कहां से और कैसे~

ढूंढता हुआ जिसे निकला वो तो अपने घर में रहा,
दिल से एक अजनबी और दिमाग से डगर में रहा।

मैं और ही था जो उसके लिए कौड़ी के दर में रहा,
हृदय से हमेशा भटका मगर उसके सफ़र में रहा।

बद-नामियों के बाद भी उसके दाग़ के डर में रहा,
ये बात और रही की ठंडी के बाद भी दोपहर में रहा।

उसके साथ खुशी के प्रकाश के लिए अंधेर में रहा,
मैं प्रेम में रंगा था और उसके अगर-मगर में रहा।

कहां से और कैसे ले उड़ा कोई ये सर दर्द में रहा,
जो आधी रात से पहर तक रोया वो पर-मगर में रहा।

                                              By~ Pradeep Yadav


डगर;
संज्ञा स्त्रीलिंग
रास्ते; मार्ग; राह, गाँव-देहात का तंग रास्ता {ला-अ.} उपाय।

दर;
Rate, quotation
भाव, दर, दर सूची, उद्धरण कोटेशन
कौड़ी के दर~ Penny rate

(This is when I was in school and used to pay rent to be with the one I love.)

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