गालियां~

हर पहले शब्द पे है जिंदगी तो दूसरे शब्द पर है गालियां,
हमारी बुनियाद ही ऐसी है की हर बात से पहले है गालियां

मैं नहीं जान सकता ओज मैं नहीं बोल सकता ऐसी बोली,
जिसमे परियार समाए उससे नहीं जोड़ सकता हूं गालियां

ऐसा कौन सिखाता है और कहां से पाते है ऐसा नार,
बारिश के आगे हवा के जैसे गँवार भौंकते है गालियां

गोरस से पेट भर उसी को चकता है कैसा है ये प्रणालीयां,
शराबी लाल आखों से बरजोरी निकलता हो जैसे गालियां

बदन पे पापों का लेप और गालियों से करके अलकतरा,
सोचता है कि मिटा देगा नहा कर पाप सारे देकर गालियां।

मैं दीप जलाए सरसता से प्रज्ज्वलित कर रहा हूं पहेलियां,
बच्चे हिंदू-मुस्लिम की गोलियों से दूर हुए तो अब दे रहे है गालियां।


                                            By~ Pradeep Yadav




ओज;
पुल्लिंग
साहित्य, साहित्य में शैली आदि की विशेषता जिससे मन में आवेश एवं साहस का संचार होने लगे, उजाला, प्रकाश।

वाचाल;
संस्कृत ; विशेषण
बहुत अधिक बोलने वाला; बकवादी; बातूनी; अतिभाषी; मुँहज़ोर, बोलने में चतुर, डींग हाँकने वाला।

वक्ता;
Speaker, 
भाषण देनेवाला, बोलनेवाला।

नार;
संस्कृत
गरदन; ग्रीवा, गला; कंठ

गँवार;
विशेषण
जो शिष्ट न हो,अनजान; अनाड़ी, अशिक्षित; असभ्य।

गोरस;
संस्कृत ; संज्ञा पुल्लिंग
गाय का दूध, दही; मट्ठा या छाछ, इंद्रियों के सुख-भोग का आनंद।

बरजोरी;
 बलात् किया या किसी से कराया जानेवाला कोई काम विशेषतः कोई अनुचित काम।
 बल-प्रयोग। क्रि० वि० जबरदस्ती से। बलपूर्वक। बलात्।

अलकतरा;
संज्ञा पुल्लिंग
पत्थर के कोयले को गला कर ख़ास रासायनिक क्रिया द्वारा तैयार एक तरल पदार्थ; डामर।

प्रणालियां;
system
प्रणाली, व्यवस्था, तंत्र, पद्धति, योजना, तरतीब, साधन, प्रकार, ढंग, रंग, अंदाज़

प्रज्ज्वलित;
विशेषण
Lighted
जलता हुआ: प्रज्वलित, दहकता हुआ, प्रदीप्त, उदीप्त

सरसता;
संस्कृत ; संज्ञा स्त्रीलिंग
सरस होने की अवस्था या गुण, रसीलापन; रसिकता; रसात्मकता, सुंदरता, मधुरता; मिठास, काव्य या कृति का, भावमयी और माधुर्यपूर्ण होने का गुण; भावपूर्णता।

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