लोग कहते है दर्द छिपा तेरे आन में,
मैं देता हूं बहाना कह के मुझे नाज़ है देश की शान पे।

कोशिश क्यों नहीं करता कोई खुद का मान के,
मैंने देखे ऐसे लोग भी जो जीते है दूसरों के गुमान पे।


                                         By- Pradeep Yadav

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