जिस गली में कभी ना गया उस गली से बेदख़ल हुआ हूं,
दुश्मन रहम करे मुझपर मैं इस गांव से अजनबी हो रहा हूं,
मेरा बचपन साथ लाया है जब भी कोई मेरे गांव से आया है,
शहर ने तो हुस्न की तारीफ दिल करने पे हवास बताया है।
By~ Pradeep Yadav
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