इक तस्वीर रही है~
इन साध सी आखों में तो सदा से नीर रही है,
उनसे सागर भी निकला मगर इक्सीर रही है।
माना ये जीवन अनमोल ही नख़चीर रही है,
मगर आनन हमेशा से उसकी अधीर रही है।
मैं निकला था एक सफर पे जो पीर रही है,
इस युग में वासनामय से दामन-गीर रही है।
मैं हर रूप में साथ था उसके रूटने से पहले,
दुबारा नज़दीक जाने की दिल-गीर रही है।
अब तक वो नभ जैसे इतने करीब रही है,
चाँद दिखता रहा चेहरे की इक तस्वीर रही है।
By~ Pradeep Yadav
साध;
संस्कृत ; संज्ञा स्त्रीलिंग
लालसा; मन्नत; अभिलाषा
किसी स्त्री के गर्भवती होने पर सातवें महीने में होने वाला एक उत्सव।
नीर;
संस्कृत ; संज्ञा पुल्लिंग
पानी; जल
नीम के पेड़ से निकलने वाला रस
फफोले के अंदर का पानी।
अधीर;
संस्कृत ; विशेषण
धैर्यहीन; उतावला; आतुर।
उद्विग्न; परेशान; बेचैन; व्याकुल; विह्वल।
अस्थिरचित्त; चंचल।
असंतुष्ट।
पीर;
संज्ञा पुल्लिंग
महात्मा और सिद्ध पुरुष
परलोक का मार्ग दर्शक; धर्म गुरु
मुसलमानों के धर्म गुरु
सोमवार का दिन।
इक्सीर;
Noun, Feminine
a cure-all medicine, panacea, sovereign remedy, an elixir, a very useful thing, very effective medicine or advice
naKHchiir;
नख़चीर نَخْچِیر
Persian ; Noun, Masculine
victim
prisoner, chase, hunting, game, prey, wild animal
आनन;
संस्कृत ; संज्ञा पुल्लिंग
मुख; मुँह; मुखड़ा; चेहरा; सूरत; शक्ल।
वासनामय;
संस्कृत ; विशेषण
वासना से संबंधित।
दामन-गीर;
Adjective:
भूमिका को जब्त करना (की), संलग्न (से), अनुयायी
निवारण की मांग के लिए न्याय की मांग (से)
निर्भर (पर), आश्रित
दिल-गीर;
Adjective
melancholy, sad, afflicted, grieved, low-spirited, melancholy, terrifying, filling with horror or anguish, heart-stricken, fetching
नभ;
संस्कृत ; संज्ञा पुल्लिंग
आकाश; गगन; अंबर
मेघ, जल, सावन तथा भादों का महीना, आश्रय
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