तुम्हारे म्यान में हूं~
मैं करम से सताया मुग्ध ही तुम्हारे म्यान में हूं,
जो बात रही नयन की तो बह के भी दरमियान में हूं।
मैं अंशुमाली में तेरे हाथों में हाथ डाले साथ में हूं,
चलते जा रहा था कांटो पे हाथ फेरे की तुम्हारे ध्यान में हूं।
मैं निरंतर ही तुम्हारे सौंदर्य से अधिक अभिमान में हूं,
आज मेरे सहसा संघर्ष रह गए धरे की स्वप्न से मान में हूं।
मैं विश्व में अकेला ही नहीं जो प्यार के राग में हूं,
दूर तो है फिर भी वो मेरे और मैं उसके गुण गान में हूं।
मैं ना अनुरागी, ना ही दोस्ती, ना ही दुश्मनी में हूं,
दिया जलाए थे जिस लिए आज उसी मरूद्यान में हूं।
By~ Pradeep Yadav
करम;
Sanskrit ; Noun, Masculine
favor, bounty, grace, graciousness, generosity
kindness
cauliflower
मुग्ध;
संस्कृत ; विशेषण
मोहित; आसक्त
भोला; सरल
मूर्ख; मूढ़।
म्यान;
पुल्लिंग
तलवार रखने का कोष, खोल (जैसे—म्यान से तलवार खींचना)।
दरमियान;
में, बीच, मध्य, वस्त।
अंशुमाली;
संस्कृत ; संज्ञा पुल्लिंग
सूर्य; रवि; दिनकर।
निरंतर;
संस्कृत ; क्रिया विशेषण
सदा; हमेशा
लगातार; बिना किसी अंतराल के।
शब्दार्थ जोड़िए भाव; रूठना।
सहसा;
संस्कृत ; अव्यय
अचानक; अकस्मात; एकाएक; एकदम; शीघ्रता से; तीव्र वेग से।
मान;
संस्कृत ; संज्ञा पुल्लिंग
भार; तौल
किसी पदार्थ या वस्तु की नाप, मूल्य आदि परिमाण जानने का साधन
पैमाना; मापदंड
आदर; इज़्ज़त; सम्मान
(काव्यशास्त्र) नायिका का नायक के प्रति उदासीनता का
मरूद्यान;
Desert
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