पिता~

मैं तुम्हारे बताए हुए सारे काम दिल से करना चाहता था,
ग़ैरमामूली सा बेटा था जो दूर और खुद को अकेला चाहता था।

दूर रखा तुमने मुझे कभी शराब लेने नहीं भेजा था,
मैं मामूली सा बेटा था जो दूर नशे में जीना चाहता था।

तुम्हारे बदन से मिट्टी की बदबू आती थी मैं खुबसू चाहता था,
मैं अघोषित ही मां के करीब रहकर सबका प्यार चाहता था।

ये दुनियां जहां में प्यार करने को हर कोई वादा चाहता था,
मैं मामूली सा बेटा था जो पिता से सिर्फ काम से काम चाहता था।

तुम्हारे शब्दकोश को मैं घर की भाषा में नहीं लाना चाहता था,
मैं बहिष्कृत करके पिता से उत्कंठा से लड़ना चाहता था।

सबके दिल में मैं था मगर मेरे दिल में वो तस्वीर चाहता था,
किसी भी शर्तों पे बस वो मेरा साथ और सिर्फ साथ चाहता था।

मैं पिता के बारे में जरा कम जाना और पिघलते हुए चाहता था,
ग़ैरमामूली सा बेटा था जिसका बाप बेटे के बाद रोटी शक्त चाहता था।


                                               By~ Pradeep Yadav



ग़ैरमामूली;
असामान्य
unusual, abnormal, uncommon, rare, strange, uncustomary

अघोषित;
संस्कृत ; विशेषण
जिसकी घोषणा न की गई हो।
जिसको अभिव्यक्त न किया गया हो; अविज्ञापित।
Without advertisement

बहिष्कृत;
संस्कृत ; विशेषण
जिसका बहिष्कार किया गया हो, बाहर किया या निकाला हुआ; निर्वासित, हटाया हुआ; दूर किया हुआ

शब्दकोश;
संस्कृत ; संज्ञा पुल्लिंग
शब्दों के वर्ण विन्यास, अर्थ, प्रयोग, व्युत्पत्ति तथा पर्याय आदि से संबंधित ग्रंथ, अभिधान कोश; कोश।

उत्कंठा;
संस्कृत ; संज्ञा स्त्रीलिंग
उत्सुकता; तीव्र इच्छा; तीव्र अभिलाषा; लालसा।
कामशास्त्र में रतिक्रिया का एक आसन।
प्रिय मिलन की उत्सुकता।

Comments

Popular Posts