क्या?

मैं किसी के दिल से जुड़ा भी होता तो क्या,
मैं किसी से दिल हारा भी होता तो क्या।

कुछ लोग हमेशा ख्यालों में ही रहा करते है,
अब मैं उन सबसे जुदा निकला तो क्या।

मैं अगर एज़ार ना करता तो ये कैसा होता,
नज़रंदाज़ न करता तो दिल खरा क्या होता।

मेरे ग़ज़ल आज़र नहीं होते तो क्या होता,
क़ैस और मैं संग होते ना होते तो क्या।

ज़िंदगी यूं ही ना जीना आता तो क्या,
मुझे किसी ने ध्यान से पढ़ा होता क्या।

सबकी जुस्तुजू जान लिया करते है लोग,
तो क्या तुमने कुछ भी उससे सीखा क्या।

कुछ ना किया खुस से तो खुदा क्या,
अल्लाह क्या फिर मंदिर मस्ज़िद क्या।

किसी ने वक्त पे नुक्ता नहीं किया तो क्या,
आज तक खुद से शर्मिंदा कोई हुआ क्या।

चलो सीखते है दूसरों की कहानियों से कुछ,
कहानी बनने से खुद लिखना अच्छा नहीं क्या।


                                  By— Pradeep Yadav



ezaar
एज़ारعذار
Excuses

kharaa
खराکھرا
real, pure

aazar
आज़रآذر
 fire
अग्नि, चिनगारी 

qais
क़ैसقیس
Majnu's Real Name (Majnu of Laila-Majnu Fame)
मजनूँ का नाम

nukta
नुक्ताنکتہ
A point in argument
phrase, subtle point, witticism

justujuu
जुस्तुजूجستجو
search/ quest/ pursuit
आकांक्षा, इच्छा, तलाश, खोज

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