लोग कहते हैं~

लोग कहते हैं मैं बहुत अच्छा लिखता हूं,
मुझे यकीन नहीं है खुद पे, मैं कैसा लिखता हूं।

लोग कहते हैं मैं हिफाजत बड़े फख्र से करता हूं,
मुझे यकीन नहीं है क्योंकि, मैं कभी खुद की फिक्र न करता हूं।

लोग कहते हैं मैं मुस्कुराते हुए अच्छा लगता हूं,
मुझे यकीन नहीं है लोगों पे, इस लिए और कोशिश करता हूं।

लोग कहते हैं मेरी हमसफर खुशनसीब होगी,
मुझे यकीन नहीं है क्योंकि, उसको मेरी कोई खबर नहीं होगी।


                                            By— Pradeep Yadav


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