अभी पता चलना है
नंगे पांव भी तो चलना है,
दर्द को तो हिम्मत का पता चलना है।
मिट्टी के पुतले नहीं है,
मेहनत के बाद ही तो पता चलना है।
मुझे जहर दो या कत्ल कर दो रूह का,
मैं उठ चुका हूं इनसे ऊपर,
की अपनापन देखकर नहीं चलना है,
अब कुछ करना है।
By— Pradeep Yadav
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