औरत
कमजोरियों से भरे जवाब और कोई निशानी नहीं चाहिए,
औरत के नाम मुझे एक ऐसी बेहतरीन कहानी चाहिए।
खामोशी कब्र की और कोई रूहानी बात नहीं चाहिए,
औरतें क्यूं हो मजबूर उन्हें खुदा जितनी बराबरी देनी चाहिए।
ख़्वाब खुद के गुमराह और बातें दबानी नहीं करने चाहिए,
क्योंकि मेरी मां कहती है कोई बात छुपानी नहीं चाहिए।
अब हौसला बुलंद और अंदाज कुछ ऐसा चाहिए,
औरत की बराबरी हर आदमियों को करनी चाहिए।
बेबुनियाद इल्जाम ये खुद धुल जाएंगे भरोसा होना चाहिए,
बातें ये कुछ काम की सिर्फ करके ही दिखाना चाहिए।
By— Pradeep Yadav
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