ज़िन्दगी का तमाशा

ये दुनियां वालों का तमाशा है,
आज दर्द बेतहाशा है,
घर जल्दी जाना है,
मौत से नहीं घबराना है।
ज़िन्दगी यूं तो समझ आती नहीं,
बेकारो के हक में फैसला सारा है।



                    By— Pradeep Yadav

Comments

Popular Posts