रोका था~

कहां चला जाता मैं उस तूफ़ानी बारिश में,
मुझे रोने की बीमारी नहीं जो जरिए खोजता,
हां, एक बार रोया था उसकी गोद में सिर रख,
मैं उसको रोका था उसका हाथ पकड़ कर।


                                     By~ Pradeep Yadav

Comments

Popular Posts