दिवाली~

मैंने खुद पटाखों की खरीदी कर ली है,
दिवाली की कुछ तैयारी कर ली है।

चिड़ियों ने जंगल में डेरे डाल दिए है,
बाचों ने भी खूब आतिस्बाजी खेली है।

नक्श-ओ-निगार कर के खुश्बू घोली है,
सबकी अपनी रीति अपनी बोली है।

यूं आ कर फिर बाहें फैलाए मिलते है,
हर तरफ़ रौशन कर रही रोग़न मय है।

बे-परवाह दौर में 'प्रदीप' को उम्मीद है,
मिठाई पकवान से ही त्योहार तय है।



                                  By— Pradeep Yadav






naqsh-o-nigār
नक्श-ओ-निगार
Painted, decoration, embellishment

roGan
रोग़नروغن
oil, butter, grease, varnish, polish
तेल, तैल, स्नेह, चिकनाई, घी, घृत।

mai
मयمے
liquor

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