क्यूं किया ऐसा~
तुम्हें मालूम था मैं मरना चाहता हूं तो बचाया क्यों,
हर रोज मरता हूं तुम्हारे वादों के बंधन में रहकर मैं,
फरेब बता के मरना था तो कश्ती में चढ़ाया क्यों,
लाश तो देख लेती मां आखिरी बार यूं जलाया क्यूं।
By~ Pradeep Yadav
Comments
Post a Comment