जीवन संगीत है~
जीवन के कई राज बताता है संगीत जीवन की हार से उभरता है संगीत,
लेखक सुझाता है नई सिख और समझाता है नए पाठ छेड़ के नए प्रीत।
मैं ही गाने वाला मैं ही सुनने वाला जो किया सबने उसका मैं ही सहने वाला,
मेरे शब्दों में भी इक भाव है जिससे घाव हमेशा सबका हरा रहने वाला।
सब कुर्बान कर देना बिना कुछ मांगे ऐसी फितरत कहां है यारों।
संगीत हम ना जाने कितने सुनते होंगे और भूल जाया करते होंगे,
उनका ठिकाना कैसे भूल पाओगे जो सड़कों पर गाया करते है यारों।
कलम उठाया ले कर आशीर्वाद लफ्जों के पांव छूकर भले इससे संगीत ना निकले,
लेकिन संगीत का जिंदगी से मेल ही अर्थ है और सदा यही सही मायने में रहने वाला।
कदम-कदम पर ये दुनिया वालों ने अपने संगीत के बोल से छेड़े है कड़वाहट के सुर,
कुछ है रीत के निर्माता लेकिन अंधकार का अपना आनंद और अंत है जीवन संगीत है।
By~ Pradeep Yadav
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