ये जहां भी खूबसूरत है~
अगर नजर आने लगी है मेरी नफरत तो दूर होते चले जाओ मुझे कोई शिकायत नहीं है,
क्या खबर थी क्या खबर होगी किसी की मुझे याद नही और ना दोबारा पहचान होगी।
यूं मलहम लगा के वक्त काटना नही लुबाता औरत जात में।
कोई काम बांटें नही है नफ़रत में अब भी चलते है मोहब्बत से,
हैं उसी आसमां के साए में जहां धूल उड़ती है एक समान सी।
मत मार अपने ख्वाहिश को कई काबिल है तेरे अपने जात के,
अश्कों के दीप बिक गए बाजार में अब अपने पसीने से प्यार है।
मुझे अपनी मेहनत पर विश्वास है जैसे दरिया को कश्ती से प्यार है,
कुछ देर देख लो मगर इज़हार मत करना मुझे अकेले डूबने से इकरार है।
किसी के खातिर मुझे अपनी जान नहीं देनी इतना प्यार नहीं हो किसी मुसीबत से मुझे,
सारी दुनिया दुश्मन है एक तेरे प्यार को कर के खिलाफ नही मरना किसी अफ़सोस में।
By~ Pradeep Yadav
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