जीत~
आदतें बुरी, स्पीड में नशा है,
जूतों में आग, मैं तेज़ हवा है।
औकात नीचे, ख्वाब बड़ा है,
बात रख दिया, तेरा ध्यान कहां है।
तेरा ध्यान कहां है, मेरा ख़्वाब बड़ा है...
छोटे जूते, मेरा पैर बड़ा है,
दर्द बड़ा है, हार बड़ी है,
दिन रात, इलाज,....मेहनत,
हिम्मत से किया है।
मैंने दुनिया देखी है दिमाग से, मैंने एहसास किया है,
मैंने खुद को आईने में देख, खुद के लिए प्रे किया है।
रिकॉर्ड ब्रेक किया है, आखिरी में मैंने सबको नाप दिया है,
अपने दिल में झांक लिया है, हां, मैंने प्यार एक बार किया है।
है स्टेज तैयार, मेरे पैर में शूज, माहौल गरम,
मैंने सबको याद किया, सबको याद किया।
हल्ला है शोर है, सब ब्लर है,
मेरी स्टोरी में, जीत किधर है!
ये ट्रिप अलग, मैं बंदा नही गलत,
मैं भूल गया, मेरे में नहीं ठरक।
सब जानते हैं, सब जलते हैं,
मेरा रास्ता अलग, मेरा नशा है अलग।
मैंने ग्राउंड में जान दिया है, हार के खुद को खड़ा किया है,
मेहनत को लगाया गले, और अपना नाम किया है।
आंखों में सपने बेहिसाब, पिता ने मुझ पर गर्व किया,
रफ्तार ने रैप में, मैंने रेस में अपना बेस्ट दिया।
ना आगे न पीछे वालों को देखा खुद से कंपलीट किया,
सारे स्पाइक्स पे थे और मैंने शूज पे रेस जीत लिया।
आदतें बुरी, मेरा नशा अलग,
आंखों से हाई, हूं पूरी तबाही।
आदतें बुरी, मेरी खुद से लड़ाई,
गीता में सच्चाई, मैं पूरा तबाही।
By~ Pradeep Yadav
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