गलतियां~

ज़िंदगी में खुल के जीना उसने सीखा रखा,
सुबह से रात तक खुशियों को सजाए रखा,
मेरी ज्यादा चाहत ने खुद को दुख में डूबा रखा,
आज प्यार और जुबां पे मैं ताला लगा रखा।


                                By~ Pradeep Yadav

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