मेरा नशा~

सर झुकाए दरबार में कल देखा गया,
खौफ इतना पहली बार देखा गया।

प्यासो की कहानी कल क्या खूब जाना मैं ,
एक गिलास पानी में है जश्न मनाया गया।

शराब, मोहब्बत और नशों का नशा देखा,
अमीरी, गरीबी और भी भेद-भाव देखा।

बुलाया तो बहुत चीखों ने मगर,
मेरी नींद खुली उसको खोने पर।



                      By~ Pradeep Yadav

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