देश प्रेमी
ना मुझे नफरत है मुस्लिमों से,
ना मुझे मोहब्बत है हिंदुओं से।
मुझे उम्मीद है खुद से,
मेहनती होते हैं देश के।
खुद के तिरंगे पे गर्व है,
मुझे पसंद है हरा भी।
दुनिया है बड़ी और खूबसूरत भी,
मैं रहु सर-ज़मी पे ये ज़रूर तो नही।
मेरी सोच है अलग मगर हूं इसी माटी का,
रहु कहीं भी मगर नहीं हूं झूठा देश प्रेमी औरों की तरह।
By— Pradeep Yadav
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