रुक ना

     रुक ना, सुन ना, ये मेरी वाइब है भाई,
       झुक ना, फुक ना, ध्यान से सुनना।

       इशारे पे मेरे शब्दों का खेल चलेगा,
      पब्लिक सुनेगी तो रिपीट पे चलेगा।

        फुकूंगा ज्वाइन तो ब्लर होएगा,
     फिर दिल्ली भी करीब लगेगा। हा हा।

         गहरा है समंदर इसी में नहाएंगे,
   जो सीखा है वही तो सबके सामने गाएंगे।

         लिख कर मचाएंगे सबको नचाएंगे,
   डॉलर नहीं हम तो भारत का रुपया ही चलाएंगे।

        सुन सुन सुन सुन, हम भी मचाएंगे।।

              ये दुनिया में बवाल बहुत है,
              पैसा~पैसा करते हैं लोग...
             क्या छाती पर लेकर जाएंगे।

      नेता का कुर्ता सफेद, जेब में हरी पत्ती लोडेड,
 एक पत्ती पे तू झूमेगा, बाकी का 5 साल देश कोसेगा।

             इशारे पे मेरे सारा खेल चलेगा,
          झोलम~झाल में देश चलता रहेगा...
            ए! मेरा गाना क्यूं फ्लॉप होएगा।

   जब तक ईमान बिकेगा, तब तक खुलेआम चलेगा,
   यमराज से सेटिंग इनका, तेरा नाम नर्क में मिलेगा।


   पब्लिक अपनी  डेढ शानी है, दारू का ढक्कन खुलेगा,
   धंधे में पैसा दिखेगा, बोल के पाप... सब कुछ चलेगा।

          रैपिंग में 10 आउट ऑफ 10 मिलेगा,
       मेरा खेल है भाई यहां पे मैं ही जज करेगा।

        सुन सुन सुन सुन, मचा दिया, चल निकल।।


                                   By~ Pradeep Yadav



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