बिकाऊ~

आज हर प्यार बिकता है,
अब पैसा या पढ़ाई में हो आगे,
तभी कोई साथ टिकता है।

आज हर इंसान बिकता है,
घर की मजबूरी में देश नही दिखता है,
तभी तो अनपढ़ राज़ करता है।

आज हर कोई बिकता है,
चैन से जीना और रहना हो,
तभी गलत सच से ज्यादा चलता है।


                   By~ Pradeep Yadav

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