कविताएं
मै कविताएं सीधे दिल से लाता हूं,
कोई दिल का पता पूछे मेरा तो।
उंगलियों से चारों तरफ इशारे करता हूं,
इतनी भी क्या जल्दी है थोड़ा सब्र करो।
तूफ़ान से तेज़ इस दुनिया में,
कितनो ने दिल से खेला उनका मै खुद खाली वक्त में पता लगता हूं।
By— Pradeep Yadav
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