मै तो धूल हूं
तुमसा बेवफा नहीं हूं मैं,
ऐ मेरी मोहब्बत, दुखी नहीं हूं मै।
तूफ़ान मेरे बाद आएगा,
कि मै तो सिर्फ धूल हूं, मौत क्या कर पाएगा।
तुमसा नूर ना सही झिलमिला लालटेन हूं,
रात में सिर्फ नहीं, अधेरा कभी भी हो उजाला कर जाएगा।
वक्त से वक्त छीन कर लाऊंगा,
अब तो खुद से आगे की दौड़ लगाऊंगा।
तेरा झूठ भी तो आज मेरे पर हंस रहा है,
की तेरे साथ क्या रहूंगा अब जहां इज्ज़त का फालूदा हो रहा है।
शाम हुई तो याद आया,
कि ये तो प्यार था जो अब रो रहा है।
By— Pradeep Yadav
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