ज़िन्दगी~गलतियों से सिखोगे तो ही अच्छा होगा
पल पल के दूरियों से ख़्वाब अच्छा है,
साथ लड़ते रहने से मौत अच्छा है।
दिल की गहराई में बात रखने से भोज बढ़ता है,
इस लिए इश्क़ करना घरवालों से अच्छा है।
मुटभेड़ तो होती रहती है ज़िन्दगी में,
मगर अपनों और गैर में फर्क ना कर पाओ तो जीना क्या खाख अच्छा है।
ज़िन्दगी दौड़ है इसमें दौड़ते रहना अच्छा है,
रुक के सांस ले लिए तो भी अच्छा है।
दुनिया गोल है हर कोई टकराता रहेगा,
तुम ना टकराओ किसी से तो कुछ अच्छा होगा।
भगा दौड़ी है काफी तेज यहां जीने के लिए,
कुछ पाबंदियां लगा लो तो अच्छा होगा।
अंत सबका आया है और सबका आएगा,
ज्यादा नहीं सुखी सी जी जाओ तो अच्छा रहेगा।
By— Pradeep Yadav
Comments
Post a Comment