मेरा मन मैला

जरा-जरा सी दूरियां बुरी,
मेरा मन मैला कभी-कभी।
मै किसी को बुरा क्यू कहूं,
क्या उनमें अक्ल नहीं।

जरा-जरा सी मोहब्बत बुरी,
मेरा मन मैला कभी-कभी।
मैंने एक-तरफा किया,
दिल जोड़े वो गली गली।

जरा-जरा सी मुस्कुराहट बुरी,
मेरा मन मैला कभी-कभी।
मै किसी को क्यू ताकु,
क्या मेरी मुस्कुराहट में दर्द नहीं।

जरा-जरा सी दुनिया बुरी,
मेरा मन मैला कभी-कभी।
मै बुराइयों से घिरा,
मेरे जैसे और भी है यहीं।


              By— Pradeep Yadav

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