सबकी नजर में...
सबकी नजर में धूल उड़ा कर निकल गए,
जब मिले तो पलकों से पानी छलक गए।
अक्सर छल कपट हुआ करते हैं मोहब्बत में,
उसके बावजूद तुम्हारे चेहरे पर फिसल गए।
सबकी नजर में तो सीधे थे कभी हम भी,
सीधा-साधा प्यार करके जिंदगी से निकल गए।
हालात तो जिंदगी के कुछ यूं हो गए,
कि प्यासे थे प्यार के और साबित किसी और के हो गए।
By— Pradeep Yadav
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