सिर झुकाए

हर बात सिर झुकाए मान रहा हूं उसकी,
वो साथ रहे हमेशा इस लिए सुन भी रहा हूं उसकी।
वो जुदा हो जाएगी उसका डर नहीं है अब,
उसको नींद मेरे बगैर कैसे आएगी रातों को इस लिए जाग रहा हूं मैं।


                        By— Pradeep Yadav
                       

Comments

Popular Posts