मन से

मैं नजर से कमजोर नहीं,
मैं मन से आधा हूं।
तुम्हे अब नजरें उठाकर देख लूं,
या नजरअंदाज कर दूं,...
मै सिर्फ जिस्म का नहीं प्यासा हूं।
मै मन से आधा हूं, मै मन से हारा हूं।
मेरी नज़रे कमजोर नहीं,
मेरे नजरों में वो ताकत नहीं।
मेरा मन आधा है अब,
मै किसी को अपने चाहत के लिए कैद कर लूं,
की इन पिंजरो में कोई ताला नहीं,
मै मन से आधा हूं, मै से हारा हूं।


             By— Pradeep Yadav

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