कौन क्या जाने

मैं जिंदा हूं या ख़्वाब है ये,
मुर्दा हूं या हैवानियत है ये।

दिल पे जो गुजरी कौन जाने,
या हम जाने या ज़ख्म जाने।

ख़ाक जलेगा ये जिंदा लाश,
जो जलेगा वो होगा इंसान है।

अब क्या करेगा कोई इंसान,
जो अब होगी सबकी इंतिहा।

मैं या तेरा क्या हश्र होगा,
हद से ज़्यादा दर्द मिलेगा।

किसी की क्या खबर होगी,
खुदाई भी अब दफन होगी।


                     By~ Pradeep Yadav

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