जलन~

ना यूं तुम लिखा करो दीवारों पर अपने संग मेरा नाम,
 मुझमें भी कमी है पहले जान लो मेरे दिल का हाल।

  ये जो तुम्हारी मुस्कान से ले रहे हैं मोहब्बत बेफिक्र,
  मुझे इनसे नफरत है जो तुम्हें देख रहे ये इस कदर।

    जिंदगी बन के चलते हैं हमसफर सांस के साथ,
   प्यास बुझाते है शाम को जिस्म के जाम के साथ।

 दिल में मेरे पल रही है तमन्ना जिसको सजाए रखा हूं,
 एक समंदर उतर चुका है तेरी महक को बचाएं रखा हूं।


                                             By~ Pradeep Yadav




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