वहां से~

 वहां से लिखता हूं जहां से सबको मोहब्बत हो जाती है,
  वहां तक पहुंचता हूं जहां से नफरत खत्म हो जाती है।

   चलो माना कि तेरे अलताफ़ के काबिल नही हम है,
खुद पे ईमान है सब्दों के बादशाह या गालिब नही है हम।


                                          By~ Pradeep Yadav

अलताफ़ اَلْطاف;
grace, kindnesses, favour

ईमान اِیْمان ;
religion, belief, conscience, creed, faith, firm belief,

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