याद~

बिछड़ के भी उससे मैं बिछड़ नहीं पाया,
मर-मर के जिया मगर संभल नहीं पाया,
दिल का मैं रोगी बता के जाने क्या पाया,
सांस लेना भूल गया मगर इक याद पाया।

    
                                   By~ Pradeep Yadav

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