सत्ता का खेल~
मैं मरते हुए जवान देखूं या सड़कों पर किसान देखूं,
सत्ता से तकरार देखूं या बिखरता हुआ नौजवान देखूं।
जाति-धर्म का विद्रोह देखूं या रण में उतर कर मार सह लूं,
और कब तक अभाव नजरअंदाज कर के मैं बवाल देखूं।
गरीबों की हार और बिलखते नवजात के दुख देखूं,
या सिक्कों से पलटते नेताओं के हाल और चकाचौंध देखूं।
ऊंची इमारतों में रहने वाले दर-ओ-दीवार को घर कह रहे है,
जहां एक रोशनी की कमी है वहां वो बैठकर चिराग घिस रहे।
झूठे वादे करके ये नए बहाने लिखवा रहे है,
जाति-धर्म के नाम पर ये बवाल करवा रहे हैं।
गरीब अब गरीब नहीं रहेगा ये विश्वास हर बार दिलाया है,
सत्ता की ताकत पाते ही इन्होंने पहले हमारा गला दबाया है।
वा'इज़ बन के रह गए शैख़ तो कभी शैतानी रूप दिखाया है,
मुर्ग़-ए-ख़ुश-इल्हाँ सुना सुना के खूनी दंगे और बवाल कराया है।
झंडे तो भारत के हैं सबके घरों में,
दिल से ये पैसों को मान रहे है।
ये जानवर ही रह गए इंसान ना बना सके,
जीना तो जीना मरना भी आसान ना कर सके।
धर्म के नाम पर जब पूरा देश जल रहा हो,
तब किस जुबां से कह दूं देश का विकास हो रहा है,
गरीबी,बेरोजगारी और देश के तनाव देख रहा हूं,
यहां 10वीं फेल शान-ए-शौकत में घूम रहा है।
इन सवालों के जवाब कौन देगा,
या जवाब भी अपने खून से लिख दूं,
गरीबों को मिलने लगे हैं झूठे वादे फिर से,
बताओ तो अब लड़ लूं या जीना भी छोड़ दूं।
उम्मीद-ए-वस्ल रखना इक ख़याल-ए-ख़ाम है,
बुरा तो कुछ भी नहीं लेकिन आम होना भी पाप है।
भारत के सपूतों जरा तो हिम्मत दिखाओ,
दुश्मन है हम खुद के ही इंसानियत दिखाओ।
गर्दिश-ए-अय्याम ये गुजरेगा नहीं चुनाव जानलेवा थमेगा नहीं,
कोई बज़्म हो कोई अंजुमन ये शि'आर कभी बदलेगा नहीं।
ना ही गुल-ए-नग़्मा सुना रहा हूं ना ही पर्दा-ए-साज़ हूं,
शिकस्त की आवाज़ हूं और काली करतूतों का खोलता राज हूँ...
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ना ही गुल-ए-नग़्मा सुना रहा हूं ना ही पर्दा-ए-साज़ हूं,
शिकस्त की आवाज़ हूं और जागने के गीत गा रहा हूं।
by~ Pradeep Yadav
उम्मीद-ए-वस्ल اُمِّیْدِ وَصْل ;
hope of union
ख़याल-ए-ख़ाम خَیالِ خام ;
silly ideas, vain or ridiculous idea
गर्दिश-ए-अय्याम گَرْدِشِ اَیّام ;
bad luck
दर-ओ-दीवार دَر و دِیوار ;
doors and walls
गुल-ए-नग़्मा گُلِ نَغْمَ ;
the best melody of all, the finest feature of a melody
पर्दा-ए-साज़ پردۂ ساز ;
veil of musical instrument
शिकस्त شِکَسْت ;
fall, drop, fracture, breakage, loss, deficiency
बज़्म بَزْم ;
assembly, party, gathering, get-together, company, entertainment, feast, banquet
अंजुमन اَنْجُمَنْ ;
organisation, association, society, club, coterie, council, congregation, meeting, assembly
शि'आर شِعار ;
manner, method, mark, identity
वा'इज़ واعِظ ;
preacher, homilist, adviser, admonisher, exhorter
शैख़ شَیخ ;
a caste of Muslims chief of a tribe or village venerable old man, saint, preacher
मुर्ग़-ए-ख़ुश-इल्हाँ مرغ خوش الحاں ;
sweet voiced birds
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