प्यार~
क्यूं प्यार के बिना सब अधूरा है,
क्यूं ये समुद्र जितना गहरा है,
क्यूं ये सबको होता है,
क्यूं प्यार का राज़ इतना गहरा है।
प्यार से किसी को नफ़रत है,
किसी को प्यार की चाहत है,
प्यार जैसे इक हीरा है,
कभी ज़हर कभी अमृत है।
By~ Pradeep Yadav
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