यूं तो~
यूं तो रोना अच्छा नहीं है,
तुम पर ये जांचता नहीं है।
यूं तो पोशीदा नहीं है कुछ भी,
आईना देखा तो अब खलता नहीं है।
जताता नहीं हक अब तो यूं ही,
सब कुछ अच्छा होता नहीं है।
यूं रुक-रुक कर ना लौटो यार,
कोई चीज जब रखनी नहीं है।
मैंने इश्क तो तुम्हें सिखा दिया,
इश्क में पड़ना अच्छा नहीं है।
डाल दिया कंधे पे हाथ जो उसके,
प्यार में परखना अच्छा नहीं है।
यूं ही सबका बिखरना अच्छा नहीं है,
सबकी परेशानी में होना अच्छा नही है।
चलो लौट जाओ अपनी गली,
यूं तो मेरे पास कुछ बचा नही है।
By~ Pradeep Yadav
poshiida~
पोशीदा پوشیدہ
Origin:undefined
concealed, hidden
पहनाया हुआ, छिपाया हुआ, गुप्त, खिल्अत, शिकारी का जाल।
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