आईना~

आईना देखता हूं तो किरदार नजर आता है,
हर बार देखने पे कोई नया ही नज़र आता है।

उदास आंखें उदास चेहरा हर तरफ़ राज़ गहरा,
आईने से मुझे कोई और ही किरदार हंसाता है।

मुझे आईने की कीमत कोई और ही बताता है,
तोड़ चुका आईना हुनर कई बार सवाल उठता है।

मैंने तस्वीर रखना शुरु कर दिया मगर प्रदीप,
ये आईना ही अक्सर सच्चा करदार दिखाता है।


                                   By~ PradeepYadav

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