सआदत~

पूछेंगे एक दिन कैफ़ियत तेरी भी पहले खुद के हाल से रूबरू हो ले,
सआदत है की जो उसके दिल के सबसे क़रीब था शख्स वो मैं ही हूं,
मेरे सीने पर लगा ये दाग़ केवल दाग नहीं हमारी हार की वजह है,
जानता तो यहां हर काबिल है हार से उभरना लेकिन मुझे उभारना भी था,
वाबस्ता दिल से दिल का था और दोनो को पीछे हटना भी न था लेकिन,
तकमील करना था खुद को हरा कर उसको आबाद जो करना था,
रब्त खत्म करना था कुछ पल के लिए ख़ुद को बेजान करना था,
तदबीर जो सोचा मैंने की तकदीर जाने कहां ले जाएगी उसके बिन,
की उसको जब भी देखूंगा वज्द होगी और आसूदगी हर तरफ होगी।


                                         By~ Pradeep Yadav

कैफ़ियत ~ स्तिथि (condition)
सआदत~ सौभाग्य, खुशनसीबी
वाबस्ता~ संबंधित (related)
तकमील~ समाप्ति (complete)
 रब्त~ लगाव (connection)
तदबीर~ उपाय (plan of action)
वज्द~ बहुत अधिक खुशी (ecstasy)
आसूदगी~ संतोष (satisfaction)



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