बहन
कोई नहीं था मेरे साथ तब बहन बनके उसने मेरा हाथ थामा था,
मैं थोड़ा भटक गया था उसने ही तो मुझे रास्ता दिखाया था।
मेरी जिंदगी का कोई मकसद नहीं था,
जब-जब भटका तब-तक उसने हाथ बढ़ाकर मुझे उजाले की ओर खींचा था।
किसने कहा कि बहन भाई का प्यार सच्चा नहीं हो सकता?
मैंने तो अपनी बहन की आंखों में मेरे लिए पूरे होते ख्वाब देखे हैं।
तुम मेरे साथ हो तो मुझे क्या कमी है?
तुम जो रुठ जाओ मुझसे तो मेरा मनाना भी तो लाजमी है।
किस्मत साथ ना दे तो वो नसीब बनकर मेरा साथ दे जाती है,
कभी छोटी बहन तो कभी बड़ी बहन तो कभी मां बन कर फर्ज निभा जाती है।
कागज की कश्ती थी, मेरी तो अपनी छोटी बहन से ही बनती थी।
बात खेलने की हो या लड़ने कि, उसके आगे किसी की नहीं चलती थी।
भूल गए हम सारी खुशियों को, अब तुम में ही खो जाते हैं,
भोज बढ़ गया जिम्मेदारियों का, अब फोन कर के तुम्हारा खयाल कर पाते हैं।
हर दर्द का इलाज मौत पा के नहीं होता,
अगर मोहब्बत में अपनों को गैर बनाकर किसी को अपनाया हो तो वक्त बिताएं बिताया नहीं जाता।
चांद की चाहत तो सब करते हैं, हमने तो चांद को ठुकरा दिया तेरी एक मुस्कुराहट के खातिर।
By— Pradeep Yadav
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