राहें

एक जमाना था,
जिसमें हमने कुछ वक्त साथ गुजारा था।
चाहत चांद को पाने की कर बैठा था,
पर दिल तो तेरा ही दीवाना था।
खबर ना थी उसकी कुछ,
ना मेरा ठिकाना था।
मोहब्बत का चक्रव्यू था,
मां ने समझाया था।
बारिश में कागज की नाव पर सवार था,
आखिर डूब ही जाना था।


                        By— Pradeep Yadav

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