नामर्द

औकात में ही रह कर बात करता हूं,
वरना मैं सबकी चुपचाप सुन लूं ये मेरी फितरत नहीं है।
तुम लड़कियों को बदनाम करके मर्दानगी साबित करते हो,
इतनी मुझ में हिम्मत नहीं है।


                         By— Pradeep Yadav

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