सुबह-सुबह यूं तितलियों का चहकना, सूरज का भभकना,
ये जिंदगी बेवजह इतनी खूबसूरत नहीं, धूप के बाद छाव,
छाव के बाद रातों की छोटी-छोटी जगमगाहट में रोशनी,
दिनभर की भाग दौड़ में गुजरा दिन, उसके बाद की खुशी,
खुशी तो कभी दुख फिर उसपे हसी, शांत तो कभी शोर,
शोर में कुछ खुशी तो शांत मौसम का कभी-कभी आनंद।
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