हर्फ़~

ता-'उम्र यही लिखा रहेगा,
जिस हर्फ़ से खिला रहेगा।

हर तरफ शोर ही शोर रहेगा,
हर तरफ लाल खून बहेगा?

वहां हर ज़मी बंजर दिखेगी,
जहा फजूल ही मार चलेगी।

ये ज़माना भी गुजर जाएगा,
फिर क्या आदमी रोके पाएगा?

जब टुकड़े-टुकड़े में बटे रहेंगे,
क्या टुकड़ा करना बचा रहेगा।

शजर फिर से बोया जाएगा,
लाल आंख हरे से छुप जाएगा?


                        By~ Pradeep Yadav


harf;
हर्फ़ حَرْف
Arabic ; Noun, Masculine, Archaic, Singular
blame

shajar;
शजर شَجَر
Arabic ; Noun, Masculine
a tree, a plant

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