मुसलसल~
क्या कभी-कभी चुप रह जाना भी कई सवाल करता है,
मेरा हर रोज का कलम उठाना एक नया बवाल करता है।
कभी-कभी मैं खुद के खुशियों को खुद से दूर कर देता हूं,
न जाने समझ के करता हूं या सब नादानी में कर देता हूं।
ज़मी और इसके जख्म कितने खूबसूरत दिखते सबको है,
चांद पे रहने की बात आए तो दाग से दम भरने लगते है।
मैं जिंदगी से कई मुसलसल सवालों के जवाब खोज रहा हूं,
मगर जवाब वही खामोशी है जहां मै ठहर के जुर्म सह रहा हूं।
मेरे सवालों के किनारे पर अक्सर यही बाढ़ आया करती है,
गली-गली में नाले है और समंदर में जहाज डूब जाया करती है।
By~ Pradeep Yadav
musalsal
मुसलसल مُسَلْسَل
Arabic ; Adjective
continuous, constant, successive, consecutive
in chains, fettered
linked, connected, successive, chained
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