लिख दूं ✍️
मैं वक्त निकालकर कुछ लिख दूं,
किसी फुर्सत में मैं अपना 'सब' दूं।
कलम उठाया हूं तो तेरी कुछ बातें भी लिख दूं,
तेरी बेवफाई ही नहीं आज तेरी कुछ 'वफा' भी लिख दूं।
तेरे प्यार का ख्वाब लिख दूं,
कहो तो अपनी 'मौत' तुम्हारे नाम लिख दूं।
अल्फाजों से सारे पैगाम लिख दूं,
थोड़े से अपने 'भाव' लिख दूं।
मोहब्बत की वो पहली मुलाकात लिख दूं,
या अधूरी ये इश्क की 'पहेली' लिख दूं।
खाली पड़ा ये पन्ना था तो सोचा,
कोई कविता आज तेरे 'नाम' लिख दूं।
By— Pradeep Yadav
Gajab
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